अध्याय 34 अबीगैल उग्र हो जाता है!

राइडर की बातें सुनते ही एबिगेल के दिल में एक टीस उठी।

उसे लगा जैसे राइडर ने उसके मन के अंदर की सारी बातें उधेड़कर, बिना किसी झिझक के सबके सामने रख दी हों।

यह एहसास बेहद असहज था, और एबिगेल अब और ढोंग नहीं कर सकी। उसका चेहरा तमतमा उठा और वह चीख पड़ी, “राइडर! आज तो मैं पूरी तरह भिड़ जाऊँगी, लेकिन याद...

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